दिशा शूल | Dishashul in Hindi


दिशा शूल

सोमवार , शनिवार को पूर्व, रविवार और शुक्रवार को पश्चिम, मंगलवार , बुधवार को उत्तर तथा गुरुवार को दक्षिण दिशा का दिशाशूल होता है| अतः उक्त वारों को उस दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए| अति आवश्यक होने पर रविवार को पान या घी खाकर, सोमवार को दूध पीकर, मंगलवार को गुड़ खाकर, बुधवार को तिल खाकर , गुरुवार को तिल खाकर, शुक्रवार को जों खाकर और शनिवार को उड़द खाकर यात्रा करने से दिशाशूल का दोष दूर हो जाता है |  यात्रा के समय नासिका में चल रही श्वाश की और का पाव पहले रखकर चलें, यात्रा सफल होगी|

नोट: बुधवार के अतिरिक्त अन्य वारों को रात्रि में यात्रा करना दोषपूर्ण नहीं माना जाता | बड़े व्यक्तियों की आज्ञा लेकर एवं प्रणाम करके जाने से भी दोष् समाप्त हो जाते हैं

दिशा शूल
गमन की दिशा वर्जित दिन
पूर्व सोमवार, शनिवार,
ईशान (उत्तर-पूर्व) बुधवार, शुक्रवार,
उत्तर बुधवार, मंगलवार,
वायव्य (उत्तर-पश्चिम) मंगलवार,
पश्चिम रविवार, शुक्रवार,
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) रविवार, शुक्रवार,
दक्षिण वृहस्पतिवार,
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) सोमवार, वृहस्पतिवार
दिशा शूल निवारणार्थ वस्तुओं की दिन वार सूची
दिन उपयोगार्थ वस्तुएं
रविवार दलिया, घी या पान खाकर
सोमवार दूध पीकर
मंगलवार गुड़ खाकर
बुधवार तिल धनिया खाकर
गुरूवार दही खाकर
शुक्रवार जौ या राई खाकर
शनिवार अदरक अथवा उड़द की दाल खाकर
माह विशेष

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