क्या आप कामवासना से मुक्ति का उपाय खोज रहे हैं? पढिये यह पोस्ट


कलयुग में अधिकांश मनुष्यों में काम, क्रोध, लोभ, मोह और मद यह सभी दुर्गुण विद्यमान है। शास्त्रों के अनुसार इन दुर्गुणों के वश में होने मनुष्य को निश्चित ही नरक भोगना पड़ता है। इन अवगुणों में सबसे भयानक अवगुण है कामवासना। काम वश होने के बाद मनुष्य अपने मष्तिष्क के नियंत्रण से भी बाहर हो जाता है। कई बार कामवश मनुष्य ऐसे कृत्य कर बैठता है जिसके लिए उसके पास जीवनभर पछताने के अलावा कोई और विकल्प शेष नहीं रह जाता।

काम की इच्छा पर नियंत्रण करने के लिए शिवजी की आराधना करना सबसे श्रेष्ठ उपाय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिव कामदेव के शत्रु बताए गए हैं। शिव ही एकमात्र देवता है जिन्होंने कामदेव को पलभर में भस्म कर दिया था। शिवजी अपने भक्तों को कामदेव के प्रभाव से बचाते हैं। साथ ही जब मनुष्य काम भावना पर नियंत्रण कर लेगा तो वह अन्य सभी अवगुण से स्वत: ही दूर हो जाएगा और भगवान की भक्ति में उसका मन लग जाएगा। इस प्रकार की भक्ति से शिवजी जल्द ही प्रसन्न होते हैं और भक्त को मनोवांछित फल अवश्य प्रदान करते हैं।