Independence Day | 15th August


स्वतंत्रता दिवस

भारत में 15 अगस्त को प्रतिवर्ष स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. वर्ष 1947 में इसी दिन भारत को ब्रिटिश सरकार से स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी. 

भारत की स्व तंत्रता का  समारोह की तैयारी 14 अगस्तन 1947 को सुबह 11 बजे आरंभ किया गया था, जिसमें अधिकारों का हस्तांहतरण किया गया था. 14 अगस्त् 1947 को जैसे ही  मध्यथरात्रि की घड़ी आई भारत ने अपनी स्व तंत्रता हासिल की. इसके साथ ही  भारत एक स्वयतंत्र  राष्ट्रअ बन गया. यह ऐसी घड़ी थी जब स्वसतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नियति के साथ भेंट (‘ट्रस्ट विद डेस्टिनी')  नामक अपना प्रसिद्ध भाषण दिया. 

इसे राष्ट्रीय पर्व के रूप में भी मनाया जाता है. इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है. 

इस दिन हम अपने उन महान राष्ट्री य नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों जिन्होंयने ब्रिटिश हुकूमत से भारत को आज़ाद कराने के लिए अनेक बलिदान दिए और अपने जीवन न्यौ छावर कर दिए हैं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. 

इसी महान दिन की याद में भारत के प्रधानमंत्री प्रत्येक वर्ष लाल क़िले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देश को सम्बोधित करते हैं.

सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम मंगल पाण्डेय के बलिदान से प्रारम्भ हुआ. जो देखते ही देखते एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमें झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, नाना साहेब, 'सरफ़रोशी की तमन्ना' लिए रामप्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि देश के लिए शहीद हो गए. बाल गंगाधर तिलक ने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का और सुभाष चंद्र बोस ने ‘तुम मुझे ख़ून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा’ का नारा दिया. 

'सत्य और अहिंसा' तथा 'असहयोग' के साथ महात्मा गाँधी ने और ग़ुलामी की जंज़ीरों को तोड़ने के लिए 'लौह पुरुष' सरदार पटेल जैसे अनेक महापुरुषों ने अपना जीवन न्यौकछावर कर दिया.  तत्पश्चात 90 वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को 'भारत को स्वतंत्रता' प्राप्त हुई.


Independence Day, observed annually on 15 August, is a national holiday in India commemorating the nation's independence from Kingdom of Great Britain [Commonly known as United Kingdom] on 15 August 1947.