When is Dussehra Festival in 2014 | Vijayadashami Festival


दशहरा

हिन्दू पंचांग के अनुसार दशहरा या विजयदशमी प्रतिवर्ष अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2014 में दशहरा या विजयदशमी का त्यौहार 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा. यह हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है. इस दिन दशरथ पुत्र भगवान राम ने लंकाधिपति रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से छुड़ाया था और सारा समाज भयमुक्त हुआ था. रावण को मारने से पूर्व राम ने दुर्गा की आराधना की थी. मां दुर्गा ने उनकी पूजा से प्रसन्न होकर उन्हें विजय का वरदान दिया था. यह असत्य पर सत्य की विजय है. इसीलिये इस दशमी को विजयादशमी के नाम से जाना जाता है. इसी दिन लोग नया कार्य भी प्रारम्भ भी करते हैं.

दशहरा अथवा विजयादशमी राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है. यह हर्ष, उल्लास तथा विजय का पर्व है.

इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं. रामलीला का आयोजन होता है. रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है.

प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे. दशहरा हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है.

भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है. व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है. दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है.

दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा. इसी दिन लोग नया कार्य प्रारम्भ करते हैं.

हिंदू पंचांग की पहली तिथि को प्रतिपदा कहते हैं. यह तिथि मास में दो बार आती है. पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद. पूर्णिमा के बाद आने वाली प्रतिपदा को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा और अमावस्या के बाद आने वाली प्रतिपदा को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा कहते हैं. 


Dasara, a South Indian term for Vijayadashami, derived from the Sanskrit Dasha-hara meaning "remover of bad fate", is among the most important festivals celebrated in India. Other regional spellings include Dashera, Dussera and Dussehra in North India.

Navratri is a festival dedicated to the worship of the Hindu deity Durga. During these nine nights and ten days, nine forms of Shakti/Devi are worshiped. The tenth day is commonly referred to as Vijayadashami or "Dussehra" (also spelled Dasara). 

Significance
The beginning of spring and the beginning of autumn are considered to be important junctions of climatic and solar influences. These two periods are taken as sacred opportunities for the worship of the Divine Mother Durga. The dates of the festival are determined according to the lunar calendar on which each woman follows tradition to wear nine colours of dress on Navratri.

In some parts of South India, Ayudha Puja is conducted in many parts of South India on the Mahanavami (Ninth) day with much fanfare. Weapons, agricultural implements, all kinds of tools, equipments, machinery and automobiles are decorated and worshipped on this day along with the worship of Goddess. The work starts afresh from the next day, i.e. the 10th day which is celebrated as 'Vijaya Dashami'.

In North India, as the culmination of the Ramlila which is enacted ceremoniously during Dussehra, the effigies of Ravana, Kumbhakarna, and Meghanada are burnt to celebrate the victory of good (Rama) over evil forces on the 'Vijaya Dashami' day.

Navratri is also a period of introspection and purification, and is traditionally an auspicious and religious time for starting new ventures.