Gayatri Mata: Aarti, Mantra, Vrat Katha, Chalisa, Photos

Gayatri Mata

Om Sushumnagyayai Namaha | Om Saraswatyai Namaha | Om Raatriyai Namaha

Spiritual Content

ॐ भूर्भुव: स्व : तत्सवितुर्वरेण्यं, भर्गो देवस्य धीमहि! धियो यो न: प्रचोदयात!

गायत्री माता

भगवती गायत्री आद्यशक्ति प्रकृति के पाँच स्वरूपों में एक मानी गयी हैं. इनका विग्रह तपाये हुए स्वर्ण के समान है. यही वेद माता कहलाती हैं. सविता के मुख से इनका प्रादुर्भाव हुआ था. भगवान सूर्य ने इन्हें ब्रह्माजी को समर्पित कर दिया. तभी से इनको ब्रह्माणी कहा जाने लगा. इस संसार में सत-असत जो कुछ हैं, वह सब ब्रह्मस्वरूपा गायत्री ही हैं. भगवान व्यास कहते हैं कि गायत्री मन्त्र समस्त वेदों का सार है. गायत्री वेदों की जननी और पाप-विनाशिनी हैं, गायत्री-मन्त्र से बढ़कर अन्य कोई पवित्र मन्त्र पृथ्वी पर नहीं है. इन्होंने ही प्राणों का त्राण किया था, इसलिये भी इनका गायत्री नाम प्रसिद्ध...


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Maa Gayatri Chalisa in Hindi, Shri Gayatri Chalisa

भगवती गायत्री आद्यशक्ति प्रकृति के पाँच स्वरूपों में एक हैं. वेद माता कहलाने वाली भगवती गायत्री का प्रादुर्भाव सविता के मुख से हुआ था. इस संसार में सत-असत जो कुछ हैं, वह सब ब्रह्मस्वरूपा गायत्री ही हैं. भगवान व्यास कहते हैं कि गायत्री मन्त्र समस्त वेदों का सार है. गायत्री वेदों की जननी और पाप-विनाशिनी हैं, गायत्री-मन्त्र से बढ़कर अन्य कोई पवित्र मन्त्र पृथ्वी पर नहीं है. इन्होंने ही प्राणों का त्राण किया था, इसलिए इनका गायत्री नाम प्रसिद्ध हुआ. गायत्री चालीसा के नित्य पाठ से मनुष्य सभी रोग-दोष तथा आवागमन के बंधन से मुक्त होता है एवं धन-धान्य से परिपूर्ण होता है साथ ही उसकी...


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