Hanuman: Aarti, Mantra, Vrat Katha, Chalisa, Photos

Hanuman

Hanuman | Maruti Nandan | Kesari Nandan

Spiritual Content

श्री गुरू चरन सरोज रज निज मनु मुकुरू सुधारी
बरनऊ रघुबर बिमल जसु जो दयाकू फल चारि
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं, पवनकुमार
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार

आरती हनुमानजी की

हनुमान जी इस पृथ्वी पर उन सात मनीषियों में से एक हैं जिन्हें अमरत्व का वरदान प्राप्त है. इनके आराध्य देव श्री रामजी हैं. हनुमान जी की भक्ति करने वाले भक्त पर शनि देव भी कोई अशुभ प्रभाव नहीं डाल पाते. शनि के बुरे प्रभाव से बचने के लिए श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की आराधना करना ही सर्वोत्तम उपाय है. हनुमान जी का जन्म चैत्र मास के पूर्णिमा तिथि दिन मंगलवार नक्षत्र चित्रा व मेष लग्न के योग में सुबह 6.03 बजे हुआ था. उन्हें भगवान शिवजी का 11वां रुद्रावतार माना जाता है. हनुमान जी सबसे बलवान और बुद्धिमान देवता माने जाते हैं. उनका पूजन एवं आरती करने वाले भक्त को कभी भी किसी प्रकार का...


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Mangalvar (Mangalwar) Vrat Katha

मंगलवार का दिन भगवान हनुमान का दिन है. इस दिन व्रत रखने का अपना एक अलग ही महत्व है. सर्व सुख, पुत्र प्राप्ति, रक्त विकार एवं राज्य सम्मान के लिये मंगलवार का व्रत सर्वोत्तम है. भारत में हनुमान जी को अजेय माना जाता है. हनुमान जी अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं. कलयुग में हनुमान जी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तो पर शीघ्र कृपा करके उनके कष्टों का निवारण करते हैं.  मंगलवार व्रत की विधि मंगलवार व्रत में गेहूँ और गुड़ का ही भोजन करना चाहिये. व्रतधारी को दिन-रात में मात्र एक बार ही ग्रहण करना चाहिए. मंगलवार व्रत को 21 सप्ताह तक करने के बाद उसका समापन करना...


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Hanuman Chalisa, Maruti Nandan Chalisa

हनुमान जी इस पृथ्वी पर उन सात मनीषियों में से एक हैं जिन्हें अमरत्व का वरदान प्राप्त है. इनके आराध्य देव श्री रामजी हैं. हनुमानजी की भक्ति करने वाले भक्त पर शनि देव भी कोई अशुभ प्रभाव नहीं डाल पाते. शनि के बुरे प्रभाव से बचने के लिए श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की आराधना करना ही सर्वोत्तम उपाय है. हनुमान जी के चालीसा का नियमित पाठ करने से हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है. श्री हनुमान चालीसा श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि। बरनउं रघुबर विमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिकै, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश...


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