Lord Brahma: Aarti, Mantra, Vrat Katha, Chalisa, Photos

Lord Brahma

Lord Brahma

Pooja Sangrah

पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो।
जिनके कुछ और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो।
सब भाँति सदा सुखदायक हो, दुःख निर्गुण नाशन हारे हो।
प्रतिपाल करो सिगरे जग को, अतिशय करुणा उर धारे हो।

पुष्कर स्थित ब्रह्माजी का एकमात्र प्राचीन मंदिर

यह मंदिर विश्व में ब्रह्माजी का एकमात्र प्राचीन मंदिर है। मंदिर के पीछे रत्नागिरि पहाड़ पर जमीन तल से दो हजार तीन सौ 69 फुट की ऊंचाई पर ब्रह्माजी की प्रथम पत्नी सावित्री का मंदिर है। यज्ञ में शामिल नहीं किए जाने से कुपित होकर सावित्री ने केवल पुष्कर में ब्रह्माजी की पूजा किए जाने का श्राप दिया था। पुष्कर को सब तीर्थों का गुरु कहा जाता है। इसे धर्मशास्त्रों में पांच तीर्थों में सर्वाधिक पवित्र माना गया है। पुष्कर, कुरुक्षेत्र, गया, हरिद्वार और प्रयाग को पंचतीर्थ कहा गया है। अर्द्ध चंद्राकार आकृति में बनी पवित्र एवं पौराणिक पुष्कर झील धार्मिक और आध्यात्मिक आकर्षण का...


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माता सरस्वती ने क्यों दिया ब्रह्मा जी को ये श्राप?

सृष्टि के आरंभ में ही आदि शक्ति ने अपने स्वरुप से सरस्वती को उत्पन्न करके ब्रह्मा जी को पत्नी स्वरुप भेंट किया ताकि ब्रह्मा जी सृष्टि निर्माण का काम पूरा कर सकें। सृष्टि निर्माण का काम पूरा होने के बाद एक दिन पवित्र उद्देश्य को पूरा करने के लिए ब्रह्मा जी ब्रह्मलोक से निलकर पृथ्वी पर पधारे। पृथ्वी पर आकर इन्होंने सबसे उत्तम मुहूर्त में यज्ञ का आयोजन किया। लेकिन एक समस्या यह थी कि बिना पत्नी के यज्ञ पूरा नही हो सकता था। ब्रह्मा जी शुभ मुहूर्त को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते थे। इसलिए संसार के कल्याण हेतु एक ऐसी कन्या से विवाह कर लिया जो बुद्धिमान होने के साथ ही शास्त्रों...


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