Parvati Mata: Aarti, Mantra, Vrat Katha, Chalisa, Photos

Parvati Mata

Parvati Mata

Parvati Mata

श्री गौरी / देवी पार्वती पूजन की विधि

माता पार्वती भगवान शिव की अर्धांगिनी और भगवान गणेश की माता हैं। भगवान गणेश को सर्वप्रथम पूजन का वरदान प्राप्त हैं। अतः किसी भी शुभ कार्य से पहले  भगवान गणेश कि आराधना करना चाहिये| गजानन गणेश प्रथमपूजनीय गणपति गजानन गणेश हिन्दू धर्म के लोकप्रिय देव हैं। इनका वर्णन समस्त पुराणों में सुखदाता, मंगलकारी और मनोवांछित फल देने वाले देव के रूप में किया गया है। भगवान गणेश को वरदान प्राप्त है की किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पुजा अनिवार्य है, बिना श्री गणेश की पूजा के किसी भी यज्ञ आदि पवित्र कार्य को सम्पूर्ण नहीं माना जा सकता| सामग्री देव मूर्ति के स्नान...


read more

अल्हा और उदल आज भी सबसे पहले आते हैं इस मंदिर में माता की पूजा करने

अल्हा और उदल जिन्होंने पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध किया था, वे माता शारदा के बड़े भक्त हुआ करते थे। इन दोनों ने ही सबसे पहले जंगलों के बीच मैहर मंदिर की खोज की थी जहाँ माता शीतला विराजमान है। इसके बाद आल्हा ने इस मंदिर में 12 सालों तक तपस्या कर देवी को प्रसन्न किया था। माता ने उन्हें अमरत्व का आशीर्वाद दिया था। आल्हा माता को शारदा माई कह कर पुकारा करता था। तभी से ये मंदिर भी माता शारदा माई के नाम से प्रसिद्ध हो गया। आज भी यही मान्यता है कि माता शारदा के दर्शन हर दिन सबसे पहले आल्हा और उदल ही करते हैं। मंदिर के पीछे पहाड़ों के नीचे एक तालाब है, जिसे आल्हा तालाब कहा जाता है। यही नहीं,...


read more

क्या है शक्तिपीठ के पीछे का सच

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। माता सती की कहानी : आदि सतयुग के राजा दक्ष की पुत्री सती माता को शक्ति कहा जाता है। पिता की ‍अनिच्छा से उन्होंने हिमालय के इलाके में ही रहने वाले योगी शिव से विवाह कर लिया। एक यज्ञ में जब दक्ष ने सती माता और भगवान शिव को न्यौता नहीं दिया, फिर भी माता सती भगवान शिव के मना करने के बावजूद अपने पिता के यज्ञ में पहुंच गई, लेकिन दक्ष ने शिव के विषय में सती के सामने ही अपमानजनक बातें कही। माता सती को यह सब बरदाश्त नहीं हुआ और वहीं यज्ञ कुंड में कूद कर अपने प्राण त्याग दिए। यह खबर...


read more