Lord and Godess Temples


दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन

भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर उज्जैन, मध्य प्रदेश में स्थित है। महाकाल को यहां का क्षेत्राधिपति माना गया है। उज्जैनवासी महाकाल को अपना राजा मानकर ही पूजन करते हैं। महाकालेश्वर मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है। भस्मारती की...


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त्रियुगीनारायण केदारनाथ : यहां हुई थी शिव-पार्वती की शादी


ऐसा माना जाता है की शिवरात्रि वह पवित्र दिन है, जिस दिन भगवान शिव ने हिमालय के मंदाकिनी क्षेत्र के त्रियुगीनारायण में माता पार्वती से विवाह किया था। भगवान शिव के विवाह को लेकर कई तरह की कथाएं अलग-अलग धर्म ग्रंथों में प्रचलित हैं।...


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असीरगढ़: कहते हैं यहां रोज आता है शिव का अंश अश्वत्थामा


महापराक्रमी अश्वत्थामा को भगवान शिव का अवतार माना जाता है। द्वापरयुग में जब कौरव व पांडवों में युद्ध हुआ था, तब अश्वत्थामा ने कौरवों का साथ दिया था। महाभारत के अनुसार अश्वत्थामा काल, क्रोध, यम व भगवान शंकर के सम्मिलित अंशावतार...


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पुष्कर स्थित ब्रह्माजी का एकमात्र प्राचीन मंदिर


यह मंदिर विश्व में ब्रह्माजी का एकमात्र प्राचीन मंदिर है। मंदिर के पीछे रत्नागिरि पहाड़ पर जमीन तल से दो हजार तीन सौ 69 फुट की ऊंचाई पर ब्रह्माजी की प्रथम पत्नी सावित्री का मंदिर है। यज्ञ में शामिल नहीं किए जाने से कुपित होकर सावित्री...


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बाबा भैरवनाथ का एक ऐसा मंदिर जहाँ पर्ची पर समस्या लिखकर भक्त लगाते हें अर्जी


ऐसा माना जाता है कि जोधपुर स्थित बाबा भैरवनाथ इस कलयुग में भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं। अगर आपको अपनी कुंडली के दोषों से मुक्ति या नई नौकरी और अपना भाग्य चमकाना है तो आप जोधपुर स्थित बाबा भैरवनाथ के मंदिर में अपनी अर्जी लगा...


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अल्हा और उदल आज भी सबसे पहले आते हैं इस मंदिर में माता की पूजा करने


अल्हा और उदल जिन्होंने पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध किया था, वे माता शारदा के बड़े भक्त हुआ करते थे। इन दोनों ने ही सबसे पहले जंगलों के बीच मैहर मंदिर की खोज की थी जहाँ माता शीतला विराजमान है। इसके बाद आल्हा ने इस मंदिर में 12 सालों तक...


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वैष्णोदेवी - जानिये अनकहे तथ्य एवं कहानियाँ


वैष्णो देवी का मंदिर, 5,200 फीट की ऊंचाई और कटरा से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। माता वैष्णो देवी उत्तरी भारत के सबसे पूजनीय और पवित्र स्थलों में से एक है। यह मंदिर पहाड़ पर स्थित होने के कारण अपनी भव्यता व सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध...


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अम्बा भवानी मंदिर - इस शक्तिपीठ में मूर्ति की नहीं यंत्र की होती है पूजा


गुजरात का मां अम्बा-भवानी मदिर 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख पीठ है। माता सती के म्रत शरीर के जब भगवान विष्णु ने 52 टुकड़े किये तब उनके शरीर के अवशेष जहाँ जहाँ गिरे उन सभी जगहों को आज शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। गुजरात का मां अम्बा-भवानी...


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कामाख्या मंदिर - यहाँ मासिक धर्म की वजह से 4 दिन माता के दर्शन नहीं होते


कामाख्या मंदिर गुवाहाटी से 8 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है। इसे तंत्र का उग्र पीठ माना जाता है। इसके विषय में कई किंवदंतियां प्रचलित हैं। यहां प्रतिवर्ष सौर आषाढ़ माह के मृगशिरा नक्षत्र के तृतीय चरण बीत जाने पर चतुर्थ चरण के मध्य...


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कांगड़ा: एक ऐसा मंदिर जहाँ बिना ईंधन जलती है ज्योत


मां ज्वाला शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में एक प्रमुख शक्तिपीठ है यहाँ माता शती की जीभ गिरि थी। यहां कि देवी मां अंबिका और अनमाता भैरव के रूप में भगवान शिव हैं। इस मंदिर में ज्वाला रूप में माता का पूजन किया जाता है। यहां की नौ ज्वालाओं का...


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हरसिद्धि मंदिर - 51 फीट ऊंचे 1011 दीपक हैं 2000 साल पुराने


उज्जैन को भगवान शिव की नगरी माना जाता है यहीं पर 51 शक्तिपीठों में से एक हरसिद्धि मंदिर भी है। यूं तो इसकी और भी कई विशेषताएं हैं, लेकिन एक खास बात जो लोगों के आकर्षण का केंद्र है, वो है मंदिर प्रांगण में स्थापित 2 दीप स्तंभ। ये दीप...


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अद्भुत: कनिपक्कम स्थित गणपति मंदिर, रोज बढ़ता है मूर्ति का आकार


कनिपक्कम स्थित गणपति मंदिर कहते हैं कि इस मंदिर में मौजूद विनायक की मूर्ति का आकार हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। इस बात से आपको भी हैरानी हो रही होगी, लेकिन यहां के लोगों का मानना है कि प्रतिदिन गणपति की ये मूर्ति अपना आकार बढ़ा...


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